शनिवार, 30 जनवरी 2016

मेरे प्यारे पापा

मेरे पैदा होते है जिसने
मुझे पहली बार गोद उठाया
मेरी आंख खुलते ही जिसे
मैनें पहली बार देखा
मेरा पहला कदम उठाना सिखाया जिसने
वो है मेरे प्यारे पापा
मम्मी की व्यस्तता में
मुझे पहली बार ‘क’ लिखना सिखाया जिसने
बचपन में स्कूल न जाने की
जिद्द को पूरा किया जिसने
वो है मेरे प्यारे पापा
स्कूल के हर झगड़े में
प्यार से समझाकर
दोस्तों से दोबारा दोस्ती
करने को कहा जिसने
परीक्षा के दिनों में
एक शिक्षक की तरह
परीक्षा की तैयारी कराई जिसने
वो है मेरे प्यारे पापा
जिदंगी के गिरते कदमों को संभाला
जिदंगी के सही मोड़ दिखाए जिसने
अच्छे बुरे में फर्क समझाया जिसने
वो है मेरे प्यारे पापा
पूनम मसीह
Share...Share on FacebookTweet about this on Twitter

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें