मैं नारी हूं
मैं रीढ़ की हड्डी हूं
इसी हड्डी ने मुझे जीवन दिया
मुझे जीने का अधिकार दिया
जीवन के हर मोड़ पर
इसी हड्डी ने मुझे सीधा खड़ा होना सिखाया
जिदंगी के हर पहलू पर ंमुझे,
ढृढ़ता सिखाई, निडर बनाया,
इसी हड्डी ने मुझे लड़ना सिखाया
आगे बढ़ाना सिखाया,
हक लेना सिखाया।
इसी हड्डी ने मुझे मरियम,
दुर्गा, काली, सरस्वती बनाया,
ताकि ऐसे महापुरुषों को
जन्म दे सकूं,
जो लोगों की प्रेरणा बनें।
हां मैं नारी हूूं
मेरी उत्पति रीढ़ की हड़्डी से हुई है,
इसलिए मैं तुम्हारे साथ सीधी खड़ी हूं
मेरे बिना तुम्हारा कोई अस्तिव नहीं,
मैं सीधी खड़ी हूं इसलिए
सारी दुनिया सीधी है।
हां मैं नारी हूं
इसी बात का मु्झे गर्व है
कि मैं हड्डी से उत्पन्न हुुई
और मैं एक नारी हूूूं.
मैं रीढ़ की हड्डी हूं
इसी हड्डी ने मुझे जीवन दिया
मुझे जीने का अधिकार दिया
जीवन के हर मोड़ पर
इसी हड्डी ने मुझे सीधा खड़ा होना सिखाया
जिदंगी के हर पहलू पर ंमुझे,
ढृढ़ता सिखाई, निडर बनाया,
इसी हड्डी ने मुझे लड़ना सिखाया
आगे बढ़ाना सिखाया,
हक लेना सिखाया।
इसी हड्डी ने मुझे मरियम,
दुर्गा, काली, सरस्वती बनाया,
ताकि ऐसे महापुरुषों को
जन्म दे सकूं,
जो लोगों की प्रेरणा बनें।
हां मैं नारी हूूं
मेरी उत्पति रीढ़ की हड़्डी से हुई है,
इसलिए मैं तुम्हारे साथ सीधी खड़ी हूं
मेरे बिना तुम्हारा कोई अस्तिव नहीं,
मैं सीधी खड़ी हूं इसलिए
सारी दुनिया सीधी है।
हां मैं नारी हूं
इसी बात का मु्झे गर्व है
कि मैं हड्डी से उत्पन्न हुुई
और मैं एक नारी हूूूं.
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